महासंघ के आहवान पर आययोजित हडताल के 17 वें दिवस मे जनपद पौडी के समस्त तकनीकी विभाग के सभी सदस्य उपस्थित रहे। यह भी अवगतनीय है कि डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की 27 सूत्रीय समस्याओं के समाधान हेतु महासंघ द्वारा सरकार/शासन स्तर पर लगातार प्रयास करने एव कई बार वार्ता करने के पश्चात भी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है, इस सन्दर्भ में माह अप्रैल 2026 में शासन द्वारा कई बार वार्ता हेतु प्रान्तीय कार्यकारणी को बुलाया गया परन्तु मांगो पर सहमति ना बनने के कारण उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के आहवान पर प्रदेश व्यापी अनिश्चितकालीन हडताल कार्यकम आज दिनांक 08.04.2026 को भी जारी रहा।
महोदय चरणबद्ध आंदोलन के प्रथम चरण में दिनांक 02.02.2026 को महासंघ की सभी शाखाओं में बैठकें आहुत की गयी व दिनांक 10.02.2026 एवं 18.02.2026 को प्रदेश के समस्त जनपदों के जनपद मुख्यालय पर डिप्लोमा इंजीनियर्स द्वारा एक दिवसीय धरना कार्यक्रम किया गया तत्पश्चात दिनांक 23/02/2026 को राजधानी देहरादून में प्रदेश व्यापी रैली सचिवालय तक आहूत की गयी।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में दिनाक 09/03/2026 से 20/03/2026 तक देहरादून में जनपदवार धरना कार्यक्रम आहूत किया गया।
डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की 27 सूत्रीय समस्याओं के समाधान न होने के कारण आज दिनाक 08/04/26 को सिचांई निरीक्षण भवन कोटद्वार में इ० सुधीर मंमगई जी की अध्यक्षता में आहुत की गयी।
आज दिनांक 08/04/2026 को जनपद मे चल रहे समस्त निर्माण कार्य का स्थीलय निरीक्षण जनपदीय अध्यक्ष इं० कौशिद अली तथा जनपद अध्यक्ष पौड़ी लो०नि०वि० इं० दीपेन्द्र रावत जी के द्वारा किया गया तथा पाया गया कि पौड़ी जनपद के समस्त निर्माण कार्य बन्द है। जिससे इंजीनियरिंग से सम्बन्धित समस्त राजकीय कार्य ठप पड़े है।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड डिप्लोमा इं० महासंघ के इ० आशीष असवाल शाखा अध्यक्ष कोटद्वार, ३० तेजेन्द्र रावत शाखा सचिव कोटद्वार, इं० मुनीश बावरा मण्डल सचिंय गढ़वाल सिचांई सघं, इं० हरपाल, इं० सत्येन्द्र, इं० प्रदीप मंमगई, इं० सूर्यप्रकाश, इं० अनिल राठौर, इं० जितेन्द्र, इं० महेश काला, इं० शशी भूषण, इं० शालू वर्मा, इं० रेशमा बानू ३० अजीत कुमार, इं० कुलदीप पाल, इं० सुनीता उनियाल, इं० जावेद अंसारी, इं० किशोर कोठारी, इं० अमित सैनी, इं० विपिन सैनी, इं० सुमन, इ० राजपाल सिंह, इं०देवेश पचौरी एंव अन्य अभियन्त्रण विभागों के समस्त अभियन्तागण उपस्थित रहे।
